फ़तह संगठन ने अरब देशों से मांग की कि वह डील आफ़ सेंचुरी का विषय उठाने और उसका आर्थिक समर्थन करने के बजाए अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प को ग़ुडा टैक्स देना बंद करें और ख़ुद को और अधिक अपमानित होने से बचाएं।
हमास के प्रवक्ता अब्दुल्लतीफ़ अलक़ानूअ ने कहा कि बहरैन सम्मेलन के बारे में ट्रम्प के दामाद और सलाहकार जेयर्ड कुशनर के बयान से साफ़ पता चलता है कि वह फ़िलिस्तीन के मुद्दे को एक आर्थिक मुद्दा बनाकर डील आफ़ सेंचुरी को लागू करने की कोशिश कर रहे हैं।
कुशनर ने शनिवार को कहा कि डील आफ़ सेंचुरी के पहले चरण मे फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों, मिस्र, जार्डन और लेबनान में 50 अरब डालर का पूंजीनिवेश किया जाएगा।
बहरैन में आगामी 25-26 जून को एक आर्थिक बैठक होने जा रही है जिसका उद्देश्य अमरीका और इस्राईल की संयुक्त साज़शि डील आफ़ सेंचुरी का रास्ता साफ़ करना है।